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मैं रोज़ ख़्वाब नए जीता हूं

vj.sadhak

मैं रोज़ ख़्वाब नए जीता हूं,
ना मदिरा न गुड़गुड़ न जाम पीता हूं,
मैं रोज़ ख़्वाब नए जीता हूं।

सुबह की झपकी के बाद,
जब आँखे भिगोता हूं,
नई किरणों को ओढ़कर,
हवाओं में सोता हूं,
न कल की फ़िक्र होती है,
न आज की चिंता में रोता हूं,
मैं रोज़ ख़्वाब नए जीता हूं।

घुटन की बाधा नहीं होती,
तन कभी प्यादा नहीं होती,
मैं खुद को वज़ीर मानकर,
चाल जब मन चाहा चल देता हूं,
मैं रोज़ ख़्वाब नए जीता हूं।

आज मैं खोना नहीं चाहता,
कल भी रोना नहीं चाहता,
यूँ कल-कल की चिंता में भी,
कौन ख़ुश होना नहीं चाहता,
नये आस में तरकर जब,
काज़ आनोखा कर देता हूं,
मैं रोज़ ख़्वाब नए जीता हूं।

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Prayer

adult-background-backlit-1615776~2-2.jpgPicture credit: Internet

“मुझे भी सिखा दो”

ऐ ख़ुदा!
मुझे भी सिखा दो, अब और नहीं रहा जाता,
उनके ज़ज़्बे को देख, शिथिल नहीं बहा जाता,

मैं भी उन-सा ही हूँ, फिर भी पीछे रह जाता हूँ,
वे ऊपर उठे जाते हैं, मैं नीचे ही रह जाता हूँ,

यह दर्द-ए-हिज़ाब और नहीं सहा जाता,
मुझे भी सिखा दो, अब और नहीं रहा जाता।

मन की गरमाहट सब कुछ तो करना चाहती हैं,
हौसलों की ज़ागीर लिए बेख़ौफ़ उड़ना चाहती हैं,

अब अरमानों का शैलाब लिए और नहीं बहा जाता,
मुझे भी सिखा दो, अब और नहीं रहा जाता।

-vj

शब्दावली: सिथिल: मंद, हिज़ाब: शर्म

Translated:

Oh God!
Please bless me too, its impossible to stand more,
Seeing their spirit, I’m unable to get their score.

I am the same as others, yet I am left behind,
they rising up hook-crook & I stayed down spind.

Now the pain of modesty is no more enduring,
Please Lord bless me too, its impossible to lowering.

Warmth of mind wants to do everything,
& wants to fly fearlessly with the spirits of wing.

Now there is no more shedding of aspirations,
Please Lord bless me too, I losing my acceleration.

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Disappointment

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“कहां जाऊं”

बड़ी हुज़ूम है यहां, राहत कहां से लाऊं,
दुनिया अपनी ही छोड़ मैं, औऱ कहां जाऊं।

ना ही अश्क़ बहा पाऊं, ना ही इसे छिपा पाऊं,
यह रूह है धधक रहा, इसे कैसे बहलाऊँ।

सामने ही है दरिया, कैसे पार लगाऊं,
ना नौका ही खे पाऊं, ना ही पतवार हो पाऊं।

यह दर्द है कि बढ़ रहा, मरहम कहां से लाऊं,
बाजार में है सौ दवे, कौन-सा लगाऊं।

रोज़-ए-इंतज़ार यहां, सहा नहीं जाता,
फरकत-ए-ग़म की वीरानियाँ, मैं किसको सुनाऊं।

यह इल्तिज़ा मिरी, ऐ ख़ुदा, ग़ौर तो फ़रमा,
इस बेजुबां शहर में, मैं अब किस को मनाऊं।

-vj

Translated:

It’s too crowd here, from where i bring relief,
After leaving the world of my own, where I love to freeze.

Neither should I shed any tear, nor hide it,
This spirit is burning now, how to wide it.

The river is in front of me, how would i cross it,
Neither the boat nor the rudder could i be a bit.

It is the pain that are increasing, from where I get ointment,
There are hundred daves in the market, which should I put.

the waiting of everyday is hard to pass,
the story of worries, to whom should I tell at last.

This is the prayer to you Hey Lord, listen to please,
In this beleaguered city, to whom I appease.

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Separation

20200303135623Picture credit: Internet

“अपना कहकर”

हम वक़त बढ़ा सकते थे,
इक दूजे को अपना कहकर,

कुछ लफ़ज़ बढ़ा सकते थे,
इक दूजे को अपना कहकर,

तलब हुई इतनी मुझको,
भूल ही गए जैसे खुद को,

दीवानों सा अहवाल हुआ,
वो छोड़ चले सपना कहकर।

हम रात रागिनी ला न सके,
खुशियों को भी अपना न सके,

मन डूब गया ऐसे कश्मकश में,
कुछ भी हम समझा न सके,

कैद हुई हो बर्क जैसे,
खुर्शीद से अक़्सर तन्हा रहकर,

दीवानों सा अहवाल हुआ,
वो छोड़ चले सपना कहकर।

-vj

शब्दावली: तलब- इच्छा, अहवाल: हालात, बर्क: बादल, खुर्शीद: सूरज

Translated:

We could increase the time,
by giving everything to each other,
We could increase the words,
by saying everything to each other.

It Summoned me as much,
that i forgot everything.
I become mad in her love and,
she left me, saying you are dreaming.

We couldn’t bring the happiness of night,
We couldn’t enjoy the moments of bright.

mind got drowned in such a struggle,
we couldn’t explain anything.
Clouds are imprisoned,
in the way that sun got itself missing.
I because mad in her love the way,
that i forgot myself everything..

 

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A friend

20200301220759Picture credit: Internet

I’m dedicating a ghazal/poem to my all blogger friends. Some of them are very close to me and i visit their post always. I will be blessed if you accept me as your friend. Thank you.

“एक दोस्त”

होठों पर मुस्कान लाता, एक दोस्त,
हाल-ए-दिल बिन कहे ही समझ जाता, एक दोस्त।

बाहर की दुनिया में बहोत तकलीफ़ें, बहोत परेशानियां,
अंदर ही अंदर एहसास-ए-लुत्फ़ कराता, एक दोस्त।

मौसम-ए-बारिश में जब भीगना, अच्छा न लगे,
छत्र बन के, बौछारों को दूर भगाता, एक दोस्त।

गली-कुचों का रस्ता जब भीड़ों से हो तरा,
पकड़ हाथों को संग कदम बढ़ाता, एक दोस्त।

दरख़त के पंक्षियों को ग़र उड़ने की हो ख़्वाइश,
एक-एक पंक्षी को उड़ना सिखाता, एक दोस्त।

दुश्मनों का जीता, जीता नहीं कोई,
ज़िंदगी का हारा ही अक़्सर बनाता, एक दोस्त।

तबस्सुम में होते हैं बहूत से सितारे,
ग़म के ख़ज़ाने में जो काम आता, एक दोस्त।

रंग-ए-गुलिस्ताँ में कितनी भी हों बहारें,
गुलों सा ख़ुद है जो महक आता, एक दोस्त।

-vj

Translated:

 

One who brings smile on the face, A friend,
The reality of mind who understoods without grace, A friend.

A lot of problems and uneasiness outside the world,
But Inside the heart who realises the happiness, A friend.

When we don’t like wet in the rain, one who…
becomes a parasol, drive away the showers, A friend.

When the street of the streets is filled with crowds,
Holding hands one who moves along us, A friend.

When the bird of tree tries to fly in the sky,
One who loves to taught a bird to fly, A friend.

The person who wins over the enemies, not a winner,
One who loses everything in life makes, A friend.

The happiness consists a bunch of companies,
One who reliefs in treasures of sorrow, A friend.

No matter how many flowers are there in the garden,
One who spreads the smell of flowers alone, A friend.

 

 

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I’m a vagabond

Picture credit: Internet

“आवारा हूँ”

आवारों में आवारा हूँ,
ख़ुद को ही खूब लुभा रहा हूँ,
तन-मन को इतना बहला लूं मैं,
ढूढ़ रहा इक गलियारा हूँ,
आवारों में आवारा हूँ।

चमक रहा अंधेरों में,
इक अकेला तारा हूँ,
इस तारे के उजाले,
खोज़ रहा जग सारा हूँ,
कल की कोई फिक्र नहीं,
अभी को जीता जा रहा हूँ,
आवारों में आवारा हूँ।

-vj

Translated:

I am a vagabond, vagabonds of pot,
those are tempting myself a lot.
I can entertain my body and mind as much,
as i’m looking a corridor of happiness to touch,
Yes… I am a vagabond.

who shines in the dark,
I am that lonely star.
in the light of this star,
I am searching my avatar.
I have no worries about tomorrow,
Now I am winning over the sorrow.
Yes…I am a vagabond.

-vj

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Should be asked.

Picture credit: Internet

“पूछ लिया करते हैं”

जब अल्फाज़ धरने पर रहे,
मायूसी भी ऐसा ही कहे,
ख़ामोशी क्या कहती है,
पूछ लिया करते हैं।

आँखें भी ना बयाँ कर रही हों,
अश्क़ शैतानी किया कर रही हों,
तब रूह क्या सहती है,
पूछ लिया करते हैं।

जब पांव हरकतें करने से डरें,
बस सहम-सहम कर चला करें,
वह खौफ़ कहाँ रहती है,
पूछ लिया करते हैं।

जब पत्ते नींचे झड़ने को हों,
और इधर-उधर बिखरने को हों,
दरखतें क्या सहती हैं,
पूछ लिया करते हैं।

जब शब-ए-फिराक होने को हो,
साँसे भी मुक़म्मल होने को हो,
ज़िस्म क्या सहती है,
पूछ लिया करते हैं।

जब रस्म-ए-दूरी छाने को हो,
बस यादें ही सताने को हो,
सुकूँ कहाँ रहती हैं,
पूछ लिया करते हैं।

-vj

Translated:

When words are on the strike,
And sadness is on the hike,
What does silence say… Should be asked.

Even the eyes are not expressing anything,
and the tears are devilishing something,
What does the soul bear.. should be asked.

When the feet are afraid to move,
Just run around with ease to approve,
Where does that fear live.. should be asked.

When the leaves are falling down,
and scattered all over the town,
What do the trees bear… should be asked.

When the time of separation is about to happen,
then every breath finds the weapon,
What does the heart bear… should be asked.

When the clouds of distance is about to come,
and we just have some memories to welcome,
Where does happiness live… should be asked.

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निराशा.. Disappointment

Picture credit: Internet

“कुछ वक्त गुज़ारे हैं हम नें

कुछ वक़्त गुज़ारे हैं हम नें, ऐसे भी, 
जैसे किसी अजनबी से पहली मुलाकात हुई हो,

दिनों की धूप ने हों, तपायें बदन को,
रातों में खूब बरसात हुई हो,

वीरान बस्तियों में कटा हो, जैसे दिन का सफ़र,
सुनसान गलियों में जैसे रात हुई हो,

वो मिले हों पहली दफ़ा, लाख सिफारिशों के बाद,
पास बैठें हों मगर, न एक लफ्ज़ बात हुई हो,

इन्तिज़ार करना मिरा आज फिर से हुआ ज़ाया,
ना नज़र पड़ी हो उन की, ना हमारी बात हुई हो,

घिरे हुए हों हम अकेले दुश्मनों में ऐसे,
लाख लड़े हों फिर भी हमारी मात हुई हो,

बिछड़ गया हो कोई, किसी से, जैसे मंज़िल पे पहुंच कर,
साखों से टूटते पत्तों की जैसी हालात हुई हो,

हम को रोक रखा हो अंधरों ने ऐसे,
चांद निकला हो मगर, ना अपनी मुलाकात हुई हो।

-vj

Translated:

We have also spent some worst time,
like having met a stranger for the first time.

Such as the sunshine of day has heated the body,
and it rained a lot in the nights without hobby.

The days have been passed in deserted settlements,
and the nights are passed in the lonely lang synes.

They have met us for the first time, after a million recommendations,
and they sat close, yet there has not been a single word of conversation.

Mine awaiting has been worst today once again,
Neither did they see us nor did we talk like rain.

We were surrounded by the enemies alone,
Even if we have fought millions but we have been defeated.

Someone has been separated from someone, after reaching the destination,
Things happened us like the leaves falling from the credentials.

We are stopped by the dark like this,
The moon may have come out, but we have not met.

Thanks for visiting my blog.

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Time changes…

Picture credit: Internet

“ऐसे समय में”

जब मौसम हरकतें नई-नई खा रही हो
वक़्त साथ-साथ परेशानियां बढ़ा रही हो,
तब ना पूछो होता है हाल क्या, ऐसे समय में,
तन तड़पने लगता है ऐसे समय में।

जब रुत खुशियों का लम्हा ला रही हो,
साथ ही ग़म भी पीछा लगा रही हो,
तब ना पूछो होता है हाल क्या, ऐसे समय में,
मन तरसने लगता है ऐसे समय में।

जब बटुओं की थैलियां खाली दिखने लगे,
साथ बाजार में बेरोज़गारी बिकने लगे,
तब ना पूछो होता है हाल क्या, ऐसे समय में,
निर्धन बरसने लगता है ऐसे समय में।

जब पार्टियों का दबदबा बढ़ रहा हो,
और देश भी सुधरता हुआ न लग रहा हो,
तब ना पूछो होता है हाल क्या, ऐसे समय में,
जन भड़कने लगता है ऐसे समय में। 

-vj

Translated:

When the weather is start changing,
At the same time, problems are also increasing,
Then don’t ask what happens, at such a time,
Body starts to suffer in such a time.

When the time is bringing the moment of happiness,
At the same time, sorrow is also following more or less,
Then don’t ask what happens, at such a time,
the mind starts craving in such a time.

When the wallet bags start looking empty,
and the unemployment started selling in the market,
Then don’t ask what happens, at such a time,
The poor starts shouting in such a time.

When the dominance of parties is increasing,
And the country also does not seem to be improving,
Then don’t ask what happens, at such a time,
people start getting angry, in such a time.

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Waiting…

Picture credit: Internet

“काश कोई बात कर ले”

काश कोई बात कर ले,
दिन तो गुज़र गया,
रात कोई पार कर दे,
काश कोई बात कर ले।

भरा पड़ा संपर्कों से फ़ोन,
मित्रों चित्रों का भंडार और अतरंगी से टोन,
रात्रि हुई भोजन हुआ जब लगा हाथ से फ़ोन,
बातें अब कोई दो चार कर ले,
काश कोई बात कर ले।

कुछ संपर्कों के अलग ही शान होते हैं,
पता नहीं वो कब ऑन होते हैं,
दिखते तो जगे-जगे से हैं,
पर हम अनजान होते हैं,
यूँ व्यस्तता इतनी उन की,
बातों में भी नहीं जान होते हैं,
कोई तो यह समस्या मिरी,
निज़ात कर दे,
काश कोई बात कर ले।

किसी लम्हें का आज साथ पकड़ते हैं,
जब हम बातों की शुरुआत करते हैं,
उस ने अनजाने में किया हो मेसज,
ऐसे ही ताने-बाने और नगमात भरते हैं,

यह शिकायतें नहीं मिरी यह तो रोज़ की बात है,
आज यह पहली नहीं, ना जाने कौन-सी रात है,
मैं कभी देर ना हो जाऊं, किसी प्रतिउत्तर में,
मन कहता है जा फ़ोन आन कर ले,
काश कोई बात कर ले।

-vj

Translated:

Wish someone talk with me,
The day has passed away,
Let someone cross the night a way,
I wish someone talk with me.

My phone is full of contacts,
A repository of friends’ pictures and a tone from the colors,
After finishing the dinner when I touch my phone,
now I would like to chat two words or four,
I wish someone talk with me.

Some contacts have different pride,
Don’t know when they came online?
They looks are online …. Online …
But they with not chatting with me is fine,
This is how busy they are,
Having no time for me.. is the matter so far,
Hope someone have time to move a walk with me,
I wish someone talk with me.

Let’s talk about a conversation,
When we start talking with someone,
He may have inadvertently messaged,
In this way, we fill the strange fabric, I guessed,

These are not complaints, it is a daily thing,
Today it is not the first night, don’t know which night it is,
I will never be late, in any reply,
So the mind says go get the phone,
hope someone come to spent some time with me,
I wish someone talk with me.