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Hello friends. I’m missing your great posts and information. Due to some busy schedule I’m unable to come here for few days or months. So if anyone really wanted to stay in touch, they can follow me in my other social media account. I know I have posted this link 2 or 3 times. Sorry for that. But I didn’t get anyone so I’m posting this again. Hope you are doing well stay blessed. Keep writing and posting.

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ख़्वाबदारी

Picture credit: साधक

“ख़्वाबदारी”

कल सुबह तक यह काली घटा छंट जायेगी,
आफ़ताब बर्क की सवारी कर फिर आयेगी।

पंक्षियों का फिर से चहचहाना होगा,
फूलों का फिर से महक जाना होगा।

गांव के बड़े बुजुर्गों का बाहर, आना होगा,
बस थोड़ी-थोड़ी दूर पर उनका, ठहठहाना होगा।

बच्चे भी फिर से स्कूल के लिए भाग रहे होंगे,
दादाजी अपनी चाय और अखबार माँग रहे होंगे,
माँ सबके लिए पराठे सेंक रही होगी,
पापा को भी ऑफिस जाने में देर हो रही होगी।

तब कहीं जा के शायद मेरे उठने की बारी आएगी,
इन्तिज़ार करो….
कल सुबह तक यह काली घटा छंट जायेगी।

मैं सब के कार्यों में तब थोड़ा-थोड़ा हस्तक्षेप करूंगा,
अपना शुरू हो न हो, सबका थोड़ा-थोड़ा लेट करूंगा,

अपनी तो गाड़ी ऐसे ही रोज़ चलती है,
वह कभी दौड़ती नहीं, खिसकती है, फिसलती है,
मैं इसी की सीट पर बैठ रोज़ सवारी किया करता हूँ,
सुबह से शाम तक ऐसे ही ख़्वाबदारी किया करता हूँ।

यूँही सांझ की रुत तब आँखों को सोना सिखायेगी,
हां, कल सुबह तक यह काली घटा फिर छंट जायेगी।

-vj

Enjoy your life at every moment:

Once a fisherman was sitting near seashore, under the shadow of a tree smoking his beedi. Suddenly a rich businessman passing by approached him and enquired as to why he was sitting under a tree smoking and not working. To this the poor fisherman replied that he had caught enough fishes for the day.

Hearing this the rich man got angry and said: Why don’t you catch more fishes instead of sitting in shadow wasting your time?

Fisherman asked: What would I do by catching more fishes?

Businessman: You could catch more fishes, sell them and earn more money, and buy a bigger boat.

Fisherman: What would I do then?

Businessman: You could go fishing in deep waters and catch even more fishes and earn even more money.

Fisherman: What would I do then?

Businessman: You could buy many boats and employ many people to work for you and earn even more money.

Fisherman: What would I do then?

Businessman: You could become a rich businessman like me.

Fisherman: What would I do then?

Businessman: You could then enjoy your life peacefully.

Fisherman: Isn’t that what I am doing now?

Moral – You don’t need to wait for tomorrow to be happy and enjoy your life. You don’t even need to be more rich, more powerful to enjoy life. LIFE is at this moment, enjoy it fully.

As some great men have said “My riches consist not in extent of my possessions but in the fewness of my wants”.

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नींद

Picture credit: Internet

मेरी नींद को आदत मेरी, पसन्द आती नहीं

मेरी नींद को आदत मेरी, पसन्द आती नहीं,
मैं उसका दोस्त ही हूँ, समझ पाती नहीं,
समझाऊं उसे, इतना वक़्त तो मिलता नहीं,
बिन उसके चैन का कमल भी खिलता नहीं।

वो वक़्त से आती तो है, मैं टाल देता हूँ,
उसके हिस्से से भी, कुछ वक़्त निकाल लेता हूँ,

शिकायतें करे वो किससे, यह तो मेरी ही मनमानी है,
बस एक दो नहीं, न जाने कितनी सारी हैं,
यह आज की नहीं, सदियों की बीमारी है,
पर ख़्याल रखना उसका, मेरी ही ज़िम्मेदारी है।

हाँ सब कुछ समझता हूँ और जानता भी हूँ,
सुधारना चालू किया नहीं मैंने, मानता हूँ,
अब अपनी ही कमियों को छिपाऊँ किससे मैं,
अपनी मनमानियों का कारण भी पहचानता हूँ,
और उन मनमानियों का निराकरण भी जानता हूँ।

पर भूल जाता हूँ मैं, उसकी ख़्वाईशो को, खुद ही में लिप्त होकर,
वो पराई हो जाती है, किसी और की आँखों में खोकर।

हाँ वक़्त तेरे लिए भी है, मुझ से कहा जाता नहीं,
मैं कैसा भी रहूँ, तुझे कभी रूठना आता नहीं,
मुझे भी उतना ही इश्क़ है तुझसे, जितना तुझे है,
पर सुकूँ जो तुझमें है छुपा, मैं कहीं और पाता नहीं।

-vj

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प्रसन्नता

mark-adriane-mus2rrayruq-unsplash~31897108077957270491..jpgPicture credit: Internet

“खुशनुमा पल”

चलिए कुछ बात खुशनुमा पलों की करते हैं,
दर्द में बहोत हुई कलमें गीली,
आज़माईश आज-कल के लम्हों की करते हैं।

बीते कुछ दिनों में हुआ, कुछ ऐसा,
जिनका ज़िक्र करना ज़रूरी हो गया,
जैसे घने जंगल में, बहोत हो जानवर,
मैं इक अकेला कस्तूरी हो गया।

ऐसी ही कुछ अनुभूति मुझे भी हुई,
जब नए अक्सों से मिरा मिलन हुआ,
विचारों का मेल-जोल हुआ,
और शब्दों का सम्मिलन हुआ,
हाँ ऐसे ही मैं हिरण हुआ,
ग़मों का अस्त हुआ,
खुशियों का किरण हुआ,
बुरे का जाना हुआ,
अच्छे का सुमिरन हुआ।

अभी तो इस दौर की शुरुआत है,
आगे का कुछ सोचा नहीं,
खुशियों का चहचहाना हुआ,
ग़मों को पूछा नहीं,
यह रस्ता ले जाएगा कहाँ, पता नहीं,
अब इन लम्हों को सहेजने में भी कोई ख़ता नहीं।

अभी देखते हैं कहां तक जाना होगा,
पर इतना जानता हूँ, खूबसूरत नज़राना होगा,
यादों का तराना होगा, ख़्वाबों का आना होगा,
और ऐसे ही निर्माण मिरा आगे का आशियाना होगा।

-vj

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Downcast

20200218103220.jpgPicture credit: Internet

“देर तक देखते रहे”

सज़ा ही कुछ ऐसी मिली, देर तक देखते रहे,
अपनों का चले जाना हुआ, ग़म से आँख सेंकते रहे।

इफा का टूट जाना हुआ, आस खोजते रहे,
तिफ़ल का खिलखिलाना गया, अश्क़ पोछते रहे।

हम बे’आवाज़ हुए फिर से इक दफ़ा…..

शय का शय से खो जाना हुआ, हाथ फेरते रहे,
सज़ा ही कुछ ऐसी मिली, देर तक देखते रहे।

-vj

शब्दावली: इफा: वचन, तिफ़ल: बच्चा, शय: चीज़

Translated:

The punishment was something like this, kept watching for a long time,
We lost ours loved ones, kept on sobbing with sorrowed lime.

Promises are broke down, kept searching consolation,
There was a blossoming of baby and tears got cancellation.

We got lost again once again …..

The object is lost from the object, we become empty handed,
The punishment was something like this, kept watching for a long time.

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Happy Holi

HoliImage credit: Internet

“रंगों का त्यौहार है आया”

रंगों का त्यौहार है आया,
उमंगों का त्यौहार है लाया,
संग लिए सुख-समृद्धि के पल,
घर को फिर इक बार है आया,
रंगों का त्यौहार है आया।

लाल गुलाबी हरी केसरी
से टब पिचकारी भरी-भरी,
नीली-पीली, लाल-गुलाल
तन-मन को करते निहाल,
और भोजों का भरमार लिए,
जगत अन्न व्यवहार है लाया,
रंगों का त्यौहार है आया।

झांझ-झंकार, मठ-मृदंगे,
और पग साथ थिरकेंगे,
बच्चे चोरी-चोरी से आ के,
रंग-रंग के गुलाल छिड़केंगे,
और पिचकारी की धार से,
इंद्रधनुष का फव्वारा निकलेगा,
किसी की हाथ में पकवानें,
किसी में गुब्बारा निकलेगा,
ऐसे ही सज-धज के फिर से,
वर्षों का उपहार है आया,
रंगों का त्यौहार है आया,
उमंगों का त्यौहार है लाया।

-vj

Holi is a Hindu spring festival celebrated in the Indian subcontinent, also known as the “festival of colours”. It signifies the victory of good over evil, the arrival of spring, end of winter, and for many a festive day to meet others, play and laugh, forget and forgive, and repair broken relationships. It is also celebrated as a thanksgiving for a good harvest.

People take part in Holi all around the world, but it is celebrated the most in parts of India and Nepal. It is often associated with the coloured powders that end up coating its participants after they’ve thrown them at each other. But this is just one part of Holi, which is split into two events: Holika Dahan and Rangwali Holi.

8-Gulal-is-available-in-various-colours...-1440x960Picture credit: Internet

uqzmpj72eyps4d0i_1583585003Picture credit: Internet

Holika Dahan takes place the night before Rangwali Holi. Wood and dung-cakes are burned in a symbolic pyre to signify good defeating evil (in Hindu Vedi scriptures, the God Vishnu helps burn the devil Holika to death).

The next morning, people gather in public spaces and take part in Rangwali Holi. This is a raucous affair where people chase each other around, throwing handfuls of coloured powders (known as gulal) at one another while getting drenched in water.

May God give you all the colors of life, colors of joy, colors of happiness, colors of friendship, colors of love and all other colors you want to paint in your life. 

Happy Holi friends.🎉🎉🎉

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सोने दो

18-Things-People-Who-Love-To-Sleep-Truly-Understand7__880Picture credit: Internet

“सोने दो”

बंद हैं कमरे, अंधेरे हैं साथ, सोने दो,
उजाले तुम लाओ न साथ, सोने दो।

पलकें हैं झुकी, लगाओ न हाथ, सोने दो,
पास बैठो मग़र करो न बात, सोने दो।

ख़्वाबों के झगड़े फ़साद, होने दो,
करो सिर्फ सोने की बात उन्हें रोने दो।

मुझे इक दफ़ा फिर फ़ज़ाओं में खोने दो,
बंद हैं कमरे, अंधेरे हैं साथ, सोने दो।

ढल चुकी रात, ना कोई मुलाक़ात, होने दो,
आँखें हों बंद, बस मन में ही बात, होने दो।

इस रात, मुझे ऐसे ही ख़्यालात बोने दो,
बंद हैं कमरे, अंधेरे हैं साथ, सोने दो।

-vj

Sleeping is a great medicine of all the problems and it’s not injurious to our health. I love to sleep. When I feel bad, I take a nap. When I feel sad, I take a nap. when I am angry, I have a nap. I feel great after a nap. Powerful antidote of all the problems.

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Happy Birthday to me😄

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Celebrating 8th March.

100th post.

International Women’s Day

Today is my Birthday.

Thank you so much friends for your continue support. 

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Happy Women’s Day

Picture credit: Internet

“एक स्त्री”

जब बच्चों की नादानियाँ न थम रहे हों,
बापू की डाँट से बचने को वो सहम रहे हों,
तब ममता की छाव लिए जो पास आये, एक स्त्री।

जब चंदू खूब शैतानियां ढा रहा हो,
अपने बंधु से ही हाथापाई कर आ रहा हो,
तब पड़ोस की आंटी से जो बचाये, एक स्त्री।

जब खिलौनों की मनसा मन ही मन उमड़ रही हो,
स्वाती अपने भाई से माँगने को लड़ रही हो,
तब इक खिलौना नया जो पास लाये, एक स्त्री।

जब स्कूल का कार्य अधूरा रह रहा हो,
मास्टर रोज़-रोज़ शिकायतें कर रहा हो,
तब एक अध्यापिका जो घर-घर हम पाएं, एक स्त्री।

जब राखी का पर्व मिठाईयां ला रहा हो,
चंदू, स्वाती से स्नेह बंधवा रहा हो,
तब उसे फ़र्ज़ का पाठ जो पढ़ाये, एक स्त्री।

जब चंदू जवानी का पायदान चढ़ रहा हो,
और लड़का-लड़की में फर्क समझ रहा हो,
तब दोनों को एक समान बता जो आदर सिखाये, एक स्त्री।

-vj

Translated:

When the naughtiness of children are not stopping,
and they are afraid of father’s shouting,
then who provides the shelter of endearment, A woman.

When Chandu is casting a lot of mischiefs,
and comes after fighting with his colleagues,
then who saves us from their neighborhoods. A woman.

When the wishes of toys are overflowing,
and Swati is fighting for those toys to playing,
then who bought a new toy for playing, A woman.

When school work is being incomplete,
& master is complaining every day of the cheat,
then we get a teacher from house to house, A woman.

When the festival of Rakhi is bringing sweets,
Chandu is getting love of sister’s esteems.
then who teaches him a lesson of honor. A woman.

When Chandu is getting the stages of youth,
& not understanding the similarities of truth,
then who teaches the importance of a girl, A woman.

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Self Encouragement

Picture credit: Internet

नया किरदार”

पुराने किरदार से निकल,
तू नए किरदार में ढल जाना,
तन्हाई में ना खोकर,
आशाओं में टहल आना।

गरीबों की महफ़िल में जाकर,
अमीरी का पता लगाना,
वो कैसे खुश रहते है वहां,
ज़रा हमें भी बताना।

तकलीफों की किल्लत किन्हें नहीं,
सब्र की महफ़िल सजाना,
यह कदम फ़रेबी हो ना जाएं,
हौसलों से इन्हें बढ़ाना।

अंजाम-ए-वफ़ा का दौर भी, आता है,
कभी-कभी,
यूँ अश्कों में ना डूब जाना……
मुअस्सर-ए-तस्कीन रूह को हो,
एहतिज़ाज़ न करना, मुस्कुराना।

क्या कहेगा ज़माना, क्या समझेगा ज़माना,
यह सब भूल जाना…
डर किस बात का, ए’तिमाद बरत,
आसिफ़ है तू, खुद ही को समझाना।

पुराने किरदार से निकल,
तू नए किरदार में ढल जाना,
तन्हाई में ना खोकर,
आशाओं में टहल आना।

-vj

शब्दावली: फ़रेब: छल, तास्किन: तसल्ली, एहतिज़ाज़: आपत्ति, एतिमाद: भरोसा, आसिफ: निपुुुण

Translated:

Out of the old character,
You get into a new character,
Never fell in the loneliness,
Stroll in hopes of victor.

Go to the cities of poors,
Find the richness of their hearts,
How are they happy there,
Please tell us the purity of that birds.

Who is free from the problems here,
Just have the greeting of the patience.
These steps should not be a fraud,
encourage them with flag of convenience.

the phase of sadness also comes, sometimes,
Don’t get drowned in tears …
The time of happiness is not away from you,
these are just the days of golden years.

What will the world say,
what will the world think, forget it all …
What are you afraid of!
You are a best learner, convince yourself.

Out of the old character,
You get into a new character,
Don’t lose in the loneliness,
Stroll in hopes of victor.