फ़रिश्ते भी पढ़े, मुझे वो नाम चाहिए

Prayer or wish

फ़रिश्ते भी पढ़े, मुझे वो नाम चाहिए,
महफिलों से भरा, इक शाम चाहिए,
डबडबाता हुआ, इक ज़ाम चाहिए,
फुर्सत ही न मिले, वो काम चाहिए,
मुझे भी अब आराम चाहिए,
झुके सर मिरा भी, वो धाम चाहिए,
ग़मों से लथपथ शहर नहीं…
खुशियों भरा ग्राम चाहिए,

फ़रिश्ते भी पढ़े, मुझे वो नाम चाहिए।

ज़िन्दगी में बस थोड़ा-सा जाम चाहिए,
कहीं-कही अल्पविराम चाहिए,
कभी-कभी अंत्यविराम चाहिए,
हर काम मिरा तमाम चाहिए,
ऐसा ही कुछ इंतज़ाम चाहिए,
गर्मी में शीतलता हो बहोत,
शर्दी में….. घाम चाहिए,

फ़रिश्ते भी पढ़े, मुझे वो नाम चाहिए।

मंज़िल पर पहुँचूँ वो गाम चाहिए,
दर्द में मरहम और बाम चाहिए,
इस शुकूँ की बस्ती में…
हर दरिंदा बदनाम चाहिए,
मुझे कटहल नहीं, आम चाहिए,
कॉमा नहीं, पूर्णविराम चाहिए,
किसी गली में नहीं, सरेआम चाहिए,
मुझे मेरे हक़ का इनाम चाहिए,

फ़रिश्ते भी पढ़े, मुझे वो नाम चाहिए।

-vj

Prayer: An expression of conscience.

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बेरोजगार

मैं पूछूं किरदार जमाने से, रोजगार पूछता है,
तसल्ली हो ना हो, मेरा ख़ुमार पूछता है,
ढल जाना नज़्म नहीं, जरूरत है मेरी,
गुनाह क्या इस ज़िल्लत की, बेरोजगार पूछता है।

-vj

Unemployment is a mental state of human mind. It is gifted to us by the society. Honestly I will say, we ourselves are in a race where we surely get it any stage of life. Everyone has to take this crown in his life. So don’t worry and enjoy this stage of life.

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मेरी बहना मुझे पता है

The best think about having a sister is that you have a permanent gift from Lord.

मैं कौन हूँ, क्या हूँ सब जानती है तू,
मेरी बहना मुझे पता है कितना मानती है तू,

हाथों की लकीरें साज़िशें कर रहीं, ख़बर किसे!
पर हर साज़िशों का ठिकाना बख़ूबी पहचानती है तू,
क़हर-ए-वक़त का जब भी होता हूँ मारा,
हौसला-ए-बहार लिए रूह में जान डालती है तू,
मेरी बहना मुझे पता है कितना मानती है तू।

वो बापू की ख़ामोशी को अल्फ़ाज़ दे जाना,
माँ के गुस्से को मुस्कुराहट के आगाज़ दे जाना,
मुझ जैसे आलसी को थोड़े काम-काज़ दे जाना,
हाँ ऐसे ही घर की खुशियों के तराने बांधती है तू,
मेरी बहना मुझे पता है कितना मानती है तू।

किसी रुख़-ए-हवा से डरना नहीं कभी,
मंज़िल पे पहुँचने से पहले ठहरना नहीं कभी,
हर मुश्किलों से टकराने की ताक़त है तुझमें,
वो सारी दुवाएँ तिरी, जितनी इबादत है मुझमें,
बस ऐसे ही रहना जैसे रहना जानती है तू,
मेरी बहना मुझे पता है कितना मानती है तू।

–vj

It’s an open proposal to everyone if anyone like to be my sister, I will accept.

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डरना क्या!

डरना क्या!

हर बातें मेरी ख़ारिज हो रही है,
लगता है कोई साज़िश हो रही है,
डरना क्या अब उन साज़िशों से,
छाता निकालो, समझो बारिश हो रही है।

-vj

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बस चंद तस्वीरों की मेरी कहानी

बस चंद तस्वीरों की मेरी कहानी,
इक बचपन था, कल बुढ़ापा, आज जवानी,
हाँ, याद है मुझे, मैंने भी की थी मनमानी,
वो बचपन ही था जो छिप जाता था,
चाहे कितनी भी हो शैतानी,
ना कोई सीमा ही होती,
ना कम होती, हरकतें बचकानी,
अब छूट गयी मनमानी,
और छूट गयी शैतानी,
वो राजा रानी की कहानी,
बस यादों में, जानी पहचानी,
बस चंद तस्वीरों की मेरी कहानी,
इक बचपन था, कल बुढ़ापा, आज जवानी।

-vj

Everything is different when you’re a child: the trees are higher, the colours are brighter, and every new day is more interesting that the last. Even more importantly, some things happen that stay in our memory for a long time — in fact, sometimes they end up being with us forever.

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तेरा यार हूँ

“Friendship”

रुक कर देख चौराहे पर,
मैं उस पार हूं,
ज़रा और गौर से देख,
तेरा यार हूं।

दो-चार मुलाकातें, कम क्या हुई,
सकल भूल गया,
ज़र्फ़-ए-दिल में रखा,
पहला प्यार हूं।

हूं जानता,
था बहोत दूर हो गया,
बस समझ इतना, था मजबूर हो गया,
पर दिल के तह-ख़ाने में तू,
न जाने कब का था मशहूर हो गया।

अब अर्ज़-ए-ग़म का किस्सा,
कह सुनने को तैयार हूँ,
मैं अब भी तो तेरा यार हूँ।

किस सोच में पड़ा,
किस बात पर अड़ा,
ज़रा देख गौर से,
मैं अब भी हूं खड़ा,
वो लाल कमीज़, वो मटमैला जूता,
और पहने हुए, हाथों में कड़ा।

हाँ शर्ट मेरा अब भी है बड़ा,
जिसके लिए, तू मुझसे था लड़ा,
मेरा कपड़ा…मेरा कपड़ा।

बहोत हुआ…
कुछ बोल ज़रा अब तू भी,
कि मिलने को तैयार हूं,
मैं भी रस्ते उस पार हूँ,
तू शोला, मैं अंगार हूँ,
तू नौका, मैं पतवार हूँ।
तू रिश्ता-ए-लतीफ़ मिरा,
और मैं भी तेरा यार हूँ।

-vj

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